सूर्य (Translation Below)

नमस्कार मित्रों। आज मैं आपके लिये एक हिन्दी कविता लाया हूँ। मैं अभी देवनागरी में type करना सीख रहा हूँ इसलिये कृपया मेरी गलतियों को क्षमा करें। आशा है आपको कविता पसन्द आये। सूर्य आखिर सूर्य जागा है। • आखिर सूर्य जागा है,घोर अँधियारा हमने लाँघा है।उषा की लालिमा छाई है,हमने फिर खुशहाली पाई है।Continue reading “सूर्य (Translation Below)”

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